
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप – दो ऐसे नाम जो अपने-अपने क्षेत्रों में क्रांति ला चुके हैं। एक तरफ मस्क, जो टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के जरिए तकनीक और नवाचार की दुनिया में अग्रणी हैं, तो दूसरी तरफ ट्रंप, जो अमेरिकी राजनीति में अपने विवादास्पद और मुखर अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इन दोनों की दोस्ती और उसके बाद आई दरार ने हाल के वर्षों में पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। यह ब्लॉग इस रिश्ते की शुरुआत, उतार-चढ़ाव, और अंततः टूटने की कहानी को विस्तार से बयान करता है।
शुरुआत: एक अप्रत्याशित गठजोड़
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती की शुरुआत कोई स्वाभाविक घटना नहीं थी। 2016 में जब ट्रंप पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने, मस्क ने उनकी आलोचना की थी। मस्क ने उस समय CNBC को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “मुझे लगता है कि ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं। उनका चरित्र अमेरिका की छवि को सही ढंग से नहीं दर्शाता।” मस्क उस समय डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक थे और उन्होंने हिलेरी क्लिंटन और 2020 में जो बाइडेन का समर्थन किया था। दूसरी ओर, ट्रंप भी मस्क को लेकर सकारात्मक नहीं थे। 2022 में ट्रंप ने मस्क को “बुलशिट आर्टिस्ट” कहकर तंज कसा था, जब मस्क ने दावा किया कि उन्होंने 2016 में ट्रंप को वोट दिया था।
लेकिन 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान यह रिश्ता अचानक बदल गया। मस्क ने ट्रंप के प्रति अपना रुख बदला और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन देना शुरू कर दिया। मस्क ने न केवल ट्रंप के अभियान के लिए करीब 300 मिलियन डॉलर का दान दिया, बल्कि उनकी रैलियों में भी हिस्सा लिया। अक्टूबर 2024 में पेनसिल्वेनिया के बटलर में ट्रंप की रैली में मस्क ने “MAGA” (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) का नारा लगाते हुए मंच पर छलांग लगाई, जो उस समय काफी चर्चा में रहा। मस्क ने खुद को ट्रंप का “फर्स्ट बडी” घोषित किया और उनकी जीत में अहम भूमिका निभाई।
इस दोस्ती की नींव वैचारिक समानता से ज्यादा व्यावहारिक हितों पर टिकी थी। मस्क को बाइडेन प्रशासन से कई शिकायतें थीं, खासकर 2021 में जब उनकी कंपनी टेस्ला को व्हाइट हाउस के इलेक्ट्रिक वाहन शिखर सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया। दूसरी ओर, ट्रंप को मस्क जैसे प्रभावशाली और धनवान समर्थक की जरूरत थी, जो उनकी चुनावी रणनीति को मजबूत कर सके। इस तरह, दोनों के हित एक-दूसरे से जुड़ गए।
दोस्ती का चरम: ट्रंप की जीत और मस्क की भूमिका
2024 के चुनाव में ट्रंप की जीत के बाद मस्क का प्रभाव और बढ़ गया। ट्रंप ने अपनी जीत के बाद फ्लोरिडा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे पास एक नया सितारा है, एक सितारा पैदा हुआ है – एलन। वह एक अद्भुत व्यक्ति हैं।” ट्रंप ने मस्क को “डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी” (DOGE) का नेतृत्व सौंपा, जिसका मकसद सरकारी खर्चों में कटौती करना और नौकरशाही को सुव्यवस्थित करना था। यह एक सलाहकार समूह था, जिसे मस्क और विवेक रामास्वामी मिलकर चलाने वाले थे।
मस्क ने इस भूमिका को उत्साह के साथ स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “मुझे कोई वेतन, पद या मान्यता की जरूरत नहीं है। मैं सिर्फ अमेरिका की सेवा करना चाहता हूं।” मस्क ने DOGE के तहत कई महत्वाकांक्षी योजनाएं पेश कीं, जिसमें संघीय कार्यबल में 75% की कटौती, 2 ट्रिलियन डॉलर की सरकारी खर्च में कमी, और कई एजेंसियों को खत्म करने का प्रस्ताव शामिल था। ट्रंप और मस्क की यह जोड़ी उस समय अजेय लग रही थी। मस्क ट्रंप के साथ लगभग हर बैठक और भोजन में मौजूद रहने लगे। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने ट्रंप के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलodymyr Zelenskyy और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के साथ हुई फोन कॉल्स में भी हिस्सा लिया।
इस दौरान दोनों के बीच व्यक्तिगत रिश्ते भी मजबूत हुए। मस्क को ट्रंप के थैंक्सगिविंग डिनर में देखा गया और उन्होंने ट्रंप के पोते-पोतियों के साथ गोल्फ खेला। ट्रंप की पोती काई ने मस्क को “अंकल” का दर्जा दे दिया। मार्च 2025 में ट्रंप ने व्हाइट हाउस के लॉन को टेस्ला की कारों के लिए एक अस्थायी शोरूम में बदल दिया और एक टेस्ला मॉडल S खरीदने की घोषणा की, जो मस्क के लिए एक बड़ा समर्थन था। यह उस समय की बात है जब टेस्ला को मस्क की राजनीतिक भागीदारी के कारण वैश्विक स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ रहा था।
दरार की शुरुआत: टकराव के पहले संकेत
हालांकि, यह “ब्रोमांस” ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सका। मई 2025 तक दोनों के बीच तनाव के संकेत दिखने लगे। मस्क ने DOGE से इस्तीफा दे दिया, जिसकी वजह उन्होंने अपनी “निर्धारित समय सीमा” का पूरा होना बताया। मस्क एक “स्पेशल गवर्नमेंट एम्प्लॉई” के तौर पर काम कर रहे थे, जिसकी कानूनी समय सीमा 130 दिनों की थी। लेकिन असल वजह कुछ और थी। मस्क ट्रंप के “बिग ब्यूटीफुल बिल” से नाराज थे, जो उनकी नजर में सरकारी खर्चों को बढ़ाने वाला और DOGE के लागत-कटौती के प्रयासों को कमजोर करने वाला था।
यह बिल कई मायनों में मस्क के हितों के खिलाफ था। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए दी जाने वाली 7,500 डॉलर की टैक्स क्रेडिट को खत्म करने का प्रावधान था, जिसका टेस्ला को बड़ा नुकसान हो सकता था। मस्क ने इस क्रेडिट को बचाने के लिए ट्रंप से निजी तौर पर अपील की थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। इसके अलावा, मस्क ने फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से अपनी स्टारलिंक सैटेलाइट तकनीक को राष्ट्रीय हवाई यातायात नियंत्रण के लिए इस्तेमाल करने की मांग की थी, जिसे तकनीकी और हितों के टकराव के कारण खारिज कर दिया गया।
मस्क की नाराजगी तब और बढ़ गई जब ट्रंप ने उनके करीबी सहयोगी जेरेड इसाकमैन को नासा के प्रशासक पद के लिए नामांकित करने से इनकार कर दिया। व्हाइट हाउस के एक सूत्र ने बताया कि मस्क ने इसे एक “अंतिम अपमान” के रूप में देखा। इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन ने मस्क के प्रतिद्वंद्वी OpenAI के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सौदे किए, जो मस्क को और चिढ़ाने वाला कदम था।
टकराव का चरम: एक सार्वजनिक विवाद
जून 2025 तक यह तनाव एक पूर्ण सार्वजनिक विवाद में बदल गया। मस्क ने X पर ट्रंप के बिल को “घृणित” और “अमेरिका को दिवालिया करने वाला” करार दिया। उन्होंने अपने 200 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स से अपील की कि वे अपने सीनेटर और कांग्रेस सदस्यों को फोन करके इस बिल को रोकें। मस्क ने लिखा, “यह विशाल, अपमानजनक, खर्च से भरा बिल एक घृणित विसंगति है। इसे वोट देने वालों को शर्म आनी चाहिए।”
ट्रंप ने भी जवाब देने में देर नहीं की। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “एलन की हरकतें मुझे परेशान कर रही थीं। मैंने उन्हें जाने के लिए कहा, मैंने उनका EV मैंडेट छीन लिया जो हर किसी को इलेक्ट्रिक कारें खरीदने के लिए मजबूर करता था (जो उन्हें महीनों से पता था कि मैं करने वाला हूं!), और वह पागल हो गया!” ट्रंप ने मस्क की कंपनियों को मिलने वाले सरकारी अनुबंधों को खत्म करने की धमकी भी दी।
मस्क ने पलटवार करते हुए दावा किया कि ट्रंप के बिना उनकी जीत संभव नहीं थी। उन्होंने X पर लिखा, “मेरे बिना ट्रंप चुनाव हार गए ह होते, डेमोक्रेट्स हाउस को नियंत्रित कर रहे होते और सीनेट में रिपब्लिकन 51-49 से हार गए होते।” मस्क ने ट्रंप पर और गंभीर आरोप लगाए, जिसमें यह दावा भी शामिल था कि ट्रंप का नाम जेफरी एपस्टीन से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में है, जिन्हें प्रशासन छुपा रहा है।
दरार के कारण: एक गहरा विश्लेषण
इस दोस्ती के टूटने के कई कारण थे। पहला, दोनों की अहंकार भरी शख्सियतें। ट्रंप और मस्क दोनों ही ऐसे व्यक्ति हैं जो हमेशा सुर्खियों में रहना चाहते हैं और किसी को अपने से ऊपर नहीं देख सकते। ट्रंप के पिछले प्रशासन में भी उनकी यही आदत थी कि जो भी उनके खिलाफ गया, उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। लेकिन मस्क इस मामले में अलग थे। उन्होंने ट्रंप के सलाहकार के तौर पर भी अपनी बात बेबाकी से रखी, जो ट्रंप को पसंद नहीं आया।
दूसरा कारण था हितों का टकराव। मस्क का टेस्ला और स्पेसएक्स जैसे व्यवसाय सरकारी अनुबंधों और सब्सिडी पर निर्भर हैं। ट्रंप की नीतियां, जैसे इलेक्ट्रिक वाहन टैक्स क्रेडिट को खत्म करना और आक्रामक टैरिफ नीतियां, मस्क के कारोबार को नुकसान पहुंचा रही थीं। टेस्ला को 2025 की पहली तिमाही में 71% मुनाफे की हानि हुई, और यूरोप में उसकी बिक्री 40% तक गिर गई। मस्क को लगा कि ट्रंप उनके हितों की रक्षा नहीं कर रहे हैं।
तीसरा, नीतिगत मतभेद। मस्क ने DOGE के जरिए सरकारी खर्चों में भारी कटौती की वकालत की थी, लेकिन ट्रंप का “बिग ब्यूटीफुल बिल” इससे उलट था। यह बिल संघीय घाटे को बढ़ाने वाला था, जो मस्क के लिए अस्वीकार्य था। मस्क ने इसे अमेरिका को “दिवालिया” करने वाला करार दिया।
नतीजे और भविष्य की संभावनाएं
इस दरार का असर दोनों पर पड़ा। मस्क की कंपनियों, खासकर टेस्ला, को भारी नुकसान हुआ। ट्रंप के बिल के खिलाफ मस्क की सार्वजनिक आलोचना ने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद को उजागर किया। दूसरी ओर, ट्रंप को एक ऐसे सहयोगी का नुकसान हुआ, जिसने उनकी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। मस्क के बिना ट्रंप प्रशासन की “कटौती” की नीतियां कमजोर पड़ सकती हैं।
भविष्य में क्या होगा, यह कहना मुश्किल है। कुछ सूत्रों का कहना है कि दोनों अभी भी “दोस्त और सहयोगी” बने रह सकते हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह संभावना कम लगती है। मस्क ने X पर यह भी सवाल उठाया कि क्या उन्हें एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करनी चाहिए, जो इस बात का संकेत है कि वह अब ट्रंप के साथ नहीं चलना चाहते।
एलन मस्क और ट्रंप के बीच ट्वीट युद्ध



निष्कर्ष
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती एक ऐसी कहानी है जो हितों, अहंकार और सत्ता के खेल का प्रतीक है। यह रिश्ता जितनी तेजी से बना, उतनी ही तेजी से टूट भी गया। दोनों की यह यात्रा हमें यह सिखाती है कि सत्ता और धन के गठजोड़ कितने नाजुक हो सकते हैं। जहां मस्क ने ट्रंप को सत्ता तक पहुंचाने में मदद की, वहीं ट्रंप की नीतियों ने मस्क के हितों को ठेस पहुंचाई। यह दरार न केवल इन दोनों व्यक्तियों, बल्कि अमेरिकी राजनीति और कारोबार की दुनिया के लिए भी एक बड़ा सबक है।


